PM Modi Navratri Vrat: नवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखते हैं और देवी माँ से आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम लोगों के साथ-साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नवरात्रि में व्रत रखते हैं?
पीएम मोदी का नवरात्रि व्रत कोई सामान्य उपवास नहीं है, बल्कि बेहद कठोर और अनुशासित दिनचर्या है। वे पिछले लगभग 50 से 55 वर्षों से लगातार नवरात्रि व्रत का पालन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, चाहे वह भारत में हों या विदेश यात्रा पर, वे इन नियमों से कभी समझौता नहीं करते। यही वजह है कि उनका व्रत आज करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
पीएम मोदी का व्रत इतिहास और अनुशासन | PM Modi Navratri Vrat

नरेंद्र मोदी का बचपन से ही धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल से जुड़ाव रहा है। किशोरावस्था से ही उन्होंने नवरात्रि व्रत का संकल्प लिया और तब से अब तक इसे निभा रहे हैं। उनका कहना है कि नवरात्रि का व्रत केवल देवी की भक्ति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह आत्म-अनुशासन और आत्म-नियंत्रण का भी प्रतीक है।
कई दशकों से वे हर साल नौ दिन तक उपवास करते हैं और इस दौरान उनके जीवन की दिनचर्या पूरी तरह बदल जाती है। प्रधानमंत्री होने के नाते उनके काम का बोझ बेहद भारी होता है, लेकिन फिर भी वे कभी भी व्रत से विचलित नहीं होते। विदेश दौरों पर भी वे सिर्फ वही आहार लेते हैं जो नवरात्रि के व्रत के अनुसार स्वीकार्य होता है।
कैसी होती है पीएम मोदी की नवरात्रि डाइट?
नवरात्रि के व्रत में पीएम मोदी का खानपान बेहद सीमित और अनुशासित होता है। उनकी डाइट इस प्रकार है:
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सिर्फ एक फल चुनते हैं: नवरात्रि के नौ दिन वे किसी एक फल का चुनाव करते हैं और पूरे व्रत के दौरान वही फल रोजाना एक बार खाते हैं। जैसे अगर उन्होंने पपीता चुना, तो नौ दिनों तक सिर्फ पपीता ही उनका भोजन होता है।
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दिन में एक बार फल का सेवन: मोदीजी नवरात्रि में दिनभर कुछ नहीं खाते। शाम को सिर्फ एक बार वही चुना हुआ फल खाते हैं।
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नींबू पानी या गर्म पानी: दिनभर वे नींबू पानी या फिर गर्म पानी पीते हैं। यह न केवल उन्हें हाइड्रेट रखता है बल्कि पाचन और ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है।
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किसी और खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं: नवरात्रि के दौरान वे फल के अलावा किसी और चीज़ को हाथ तक नहीं लगाते।
फिटनेस और योगा की दिनचर्या
पीएम मोदी की फिटनेस और एक्टिवनेस का राज़ सिर्फ उनकी साधारण डाइट नहीं है, बल्कि उनकी दिनचर्या भी है। नवरात्रि के दौरान भी वे रोज़ योगा करते हैं। योग उनके जीवन का अहम हिस्सा है और यही कारण है कि 74 वर्ष की उम्र में भी वे बेहद चुस्त-दुरुस्त दिखाई देते हैं।
योगासन और प्राणायाम के जरिए वे अपने शरीर और मन को संतुलित रखते हैं। उपवास की स्थिति में योग का अभ्यास उन्हें ऊर्जा और मानसिक शांति प्रदान करता है। उनका मानना है कि योग और ध्यान से शरीर व मन की थकान दूर होती है और यह उन्हें काम करने की क्षमता भी देता है।
साधारण जीवनशैली और शाकाहारी भोजन
नवरात्रि के अलावा भी पीएम मोदी पूरी तरह शाकाहारी हैं। वे साधारण भोजन पसंद करते हैं। उनकी थाली में अक्सर दाल, सब्ज़ी और रोटी जैसे साधारण व्यंजन होते हैं। कई बार वे सहजन (मोरिंगा) के पराठे का ज़िक्र भी कर चुके हैं।
उनकी जीवनशैली से यह स्पष्ट है कि वे न सिर्फ़ नवरात्रि बल्कि सालभर अनुशासित डाइट और फिटनेस पर ध्यान देते हैं। यही कारण है कि वे बेहद व्यस्त दिनचर्या और यात्राओं के बावजूद स्वस्थ और ऊर्जावान बने रहते हैं।
विदेश दौरों पर भी नहीं टूटता व्रत
प्रधानमंत्री होने के नाते मोदीजी को अक्सर विदेश यात्राओं पर जाना पड़ता है। अलग देश, अलग संस्कृति और अलग खानपान के बावजूद वे नवरात्रि में अपने नियमों से कभी समझौता नहीं करते। विदेशों में भी वे सिर्फ फल और पानी का ही सेवन करते हैं।
यह उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। यह बात उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो सोचते हैं कि व्यस्तता या परिस्थितियों के कारण व्रत या अनुशासन निभाना संभव नहीं।
पीएम मोदी के व्रत से सीख
पीएम मोदी का व्रत हमें कई तरह की प्रेरणाएँ देता है।
पहली सीख है अनुशासन। चाहे जीवन कितना भी व्यस्त क्यों न हो, अगर मन में दृढ़ निश्चय हो तो नियम निभाना असंभव नहीं।
दूसरी सीख है सरलता। साधारण भोजन और सीमित आहार से भी जीवनशक्ति और फिटनेस बनाए रखी जा सकती है।
तीसरी सीख है भक्ति और आत्म-नियंत्रण। व्रत सिर्फ शरीर को अनुशासित करने के लिए नहीं, बल्कि आत्मा और मन को संयमित करने के लिए भी होता है।
नवरात्रि व्रत के स्वास्थ्य लाभ
पीएम मोदी के व्रत से यह भी समझा जा सकता है कि उपवास का शरीर और मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
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व्रत करने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है।
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शरीर में टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं।
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मानसिक शांति और आत्म-अनुशासन की भावना मजबूत होती है।
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शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है।
नवरात्रि व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अनुशासन, संयम और भक्ति का मार्ग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्षों से जिस तरह इस व्रत का पालन करते आ रहे हैं, वह लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उनका सिर्फ एक फल और पानी वाला व्रत यह साबित करता है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो किसी भी परिस्थिति में नियमों का पालन किया जा सकता है। उनकी साधारण डाइट, योग और अनुशासित जीवनशैली आज की पीढ़ी को यह संदेश देती है कि सफलता का असली राज़ संतुलित जीवन और दृढ़ संकल्प में छिपा है।
नवरात्रि का यह पर्व हमें भी यही सिखाता है कि साधारण जीवन जीकर, आत्म-नियंत्रण और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा जाए।
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