H-1B Visa Update: ट्रंप के टैरिफ, H-1B वीज़ा और व्यापार समझौते पर भारत-अमेरिका की अहम बैठक, न्यूयॉर्क में जयशंकर-मार्को बियो मुलाकात

H-1B Visa Update: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज, 22 सितंबर 2025 को न्यूयॉर्क में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से अहम द्विपक्षीय बैठक करेंगे। यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय 80वें सत्र से इतर हो रही है। दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की बैठक है, और इसे भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल की खरीद के लिए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के बाद यह बैठक और भी महत्वपूर्ण हो गई है। अमेरिका ने कुल मिलाकर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लागू किया है, जिससे व्यापार और आर्थिक संबंधों में चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं।

बैठक का महत्व और एजेंडा | H-1B Visa Update

H-1B Visa Update

जयशंकर और रुबियो की यह बैठक व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर केन्द्रित होगी। यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि 16 सितंबर को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की टीम की भारत यात्रा के दौरान व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई थी। अब इस बैठक में दोनों देशों के बीच शीघ्र लाभप्रद व्यापार समझौते पर चर्चा को अंतिम रूप देने की संभावना है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी न्यूयॉर्क में अमेरिकी प्रतिनिधियों से व्यापार समझौते पर चर्चा करेगा। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पारस्परिक लाभप्रद व्यापार समझौते को शीघ्र निष्कर्ष पर पहुँचाना है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा और जयशंकर की तैयारी

विदेश मंत्री जयशंकर न्यूयॉर्क रविवार को पहुंचे और उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत फिलीपींस की विदेश सचिव थेरेसा पी. लाजारो के साथ द्विपक्षीय बैठक से की। लाजारो ने कहा कि अगस्त में राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस की भारत की सफल राजकीय यात्रा के बाद यह बैठक दोनों देशों के बीच राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग की प्रतिबद्धता को मजबूत करने का अवसर है।

जयशंकर इस सप्ताह के दौरान UNGA के उच्च स्तरीय सत्रों में भाग लेने के साथ ही द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित करेंगे। वह 27 सितंबर को UNGA मंच से भारत की ओर से सामान्य बहस में भाषण देंगे। इस दौरान भारत के विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक दृष्टिकोण का प्रदर्शन किया जाएगा।

ट्रंप टैरिफ और H-1B वीजा मुद्दे

हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूस से तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने से भारत-अमेरिका संबंधों में तनातनी पैदा हुई है। इस निर्णय के बाद यह पहली अवसर है जब विदेश मंत्री जयशंकर और मार्को रुबियो आमने-सामने व्यापार और ऊर्जा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

इसके साथ ही H-1B वीजा नीति और अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ाने के मुद्दे भी बैठक के एजेंडा में शामिल हैं। भारत और अमेरिका लंबे समय से इस वीजा नीति के माध्यम से तकनीकी और आईटी पेशेवरों के आदान-प्रदान पर चर्चा करते रहे हैं। इस बैठक में H-1B वीजा नियमों और कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

व्यापार समझौते पर जोर

जयशंकर और रुबियो की बैठक का एक बड़ा एजेंडा व्यापार समझौते को शीघ्र निष्कर्ष पर पहुंचाना है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों से व्यापार समझौते के अंतिम बिंदुओं पर चर्चा करेगा।

वाणिज्य मंत्रालय ने बयान में कहा कि पिछले सप्ताह की अमेरिका यात्रा के दौरान व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई थी और अब इसे तेज गति से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस समझौते के सफल निष्कर्ष से दोनों देशों के व्यापार और निवेश संबंधों में स्थायित्व आएगा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

जयशंकर का बहुपक्षीय दृष्टिकोण

विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने न्यूयॉर्क दौरे की शुरुआत फिलीपींस के विदेश सचिव थेरेसा पी. लाजारो के साथ द्विपक्षीय बैठक से की। इस बैठक में राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

जयशंकर इस सप्ताह UNGA के उच्च स्तरीय सत्र में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों की श्रृंखला आयोजित करेंगे। 27 सितंबर को वह UNGA मंच से भारत की ओर से भाषण देंगे, जिसमें वैश्विक शांति, सुरक्षा और सतत विकास के मुद्दों पर भारत की नीति और दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जाएगा।

द्विपक्षीय और रणनीतिक साझेदारी

इस बैठक में भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें सुरक्षा सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और H-1B वीजा नीति शामिल हैं।

जयशंकर और रुबियो की बैठक को भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और हालिया टैरिफ विवाद को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

22 सितंबर 2025 की यह बैठक भारत-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय जोड़ने वाली है। ट्रंप द्वारा लागू किए गए टैरिफ और H-1B वीजा नीति पर चर्चा, व्यापार समझौते को शीघ्र निष्कर्ष पर लाना और UNGA में भारत का कूटनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना इस दौरे के मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं।

विदेश मंत्री जयशंकर का न्यूयॉर्क दौरा न केवल भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूती देगा बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता और व्यापारिक सहयोग को भी बढ़ावा देगा।

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