नवरात्रि स्थापना मुहूर्त 2025: शुभ समय, पूजा विधि और मंगलकामनाएँ

नवरात्रि स्थापना मुहूर्त 2025: जब सजी अभी फिजाएँ भगवन की अराधना से,
हर घर में जगमगाए हर पल माँ का श्रृंगार।
नवरात्रि की घटस्थापना मुहूर्त हो आपके लिए मंगलमय,
माँ शैलपुत्री की कृपा बनाये हर दिन, हर संस्कार।

नवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अनमोल पर्व है, जहाँ माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना होती है। इस वर्ष Shardiya Navratri 2025 का नवरात्रि 22 सितंबर, सोमवार को घटस्थापना मुहूर्त के साथ प्रारंभ हो रहा है और विजयादशमी 2 अक्टूबर, 2025 को है।

नवरात्रि स्थापना मुहूर्त 2025
              नवरात्रि स्थापना मुहूर्त 2025

घटस्थापना मुहूर्त:

वर्ष 2025 में घटस्थापना की पूजा के लिए निम्न शुभ मुहूर्त निर्धारित हैं:

  • मुख्य मुहूर्त: सुबह 6:11 बजे से 7:52 बजे तक (IST)

  • अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:51 बजे से 12:39 बजे तक (IST)

  • घटस्थापना तिथि: प्रातिपदा तिथि, आश्विन मास, शुक्ल पक्ष

मुख्य मुहूर्त में कलश स्थापना करना सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह समय ऊर्जा और शुभता से परिपूर्ण होता है। अगर मुख्य मुहूर्त न मिल सके, तो अभिजित समय भी स्वीकार्य विकल्प है।

पूजा विधि (घटस्थापना की संक्षिप्त विधि):

  1. घर की पूजा जगह को स्वच्छ करें। पूजा स्थान पर कलश स्थापित करने का स्थान (मण्डप) तैयार करें।

  2. कलश लें — उसमें शुद्ध जल भरें, पाँच आम के पत्ते कलश के मुँह में लगाएँ, ऊपर नारियल रखें।

  3. मिट्टी से एक छोटी प्लेट या लोहार बाँध कर उसमें नवधान्य (नौ प्रकार की अनाज), जल आदि संचयित करें।

  4. कलश के पास दीपक जलाएँ, धूप—दीप’aroma’ के लिए कपूर—इत्र आदि लगाएँ। पुष्प, फलों और मीठे भोग को अर्पित करें।

  5. आरती, मंत्रोच्चार और स्तोत्र का पाठ करें। विशेषतः “ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके…” जैसे माँ दुर्गा की स्तुति।

पहला दिन: माँ शैलपुत्री एवं रंग-वर्ण महत्व:

  • प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा होती है। वह पर्वतों की पुत्री, शक्ति और शुद्धता की प्रतीक हैं।

  • इस दिन का रंग सफेद (White) होता है, जो पवित्रता, शांति और समर्पण का संदेश देता है।

महत्व:

घटस्थापना से नवरात्रि का आध्यात्मिक आरंभ होता है। यह समय है आत्मा की शुद्धि का, मन की शांति का और दिल में माँ दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा का। प्रत्येक दिन हमें सिखाता है संघर्ष, संयम, सुंदरता और आत्मसाक्षात्कार की शिक्षा। माँ दुर्गा की महिमा महिषासुर पर विजय के रूपक में हमें यह प्रेरणा देती है कि अज्ञान और दुख पर ज्ञान व साहस की जीत होती है।

शुभकामनाएँ:

इस नवरात्रि माँ दुर्गा की किरनें आपके जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और सत्य की रोशनी लेकर आएँ।
माँ की शक्ति से शक्ति मिले, अँधेरा हटे और आपका जीवन खुशियों से सजीव हो।
ॐ दुर्गायै नमः — इस दिव्य आराधना से आपके सारे कार्य सफल हों, सुख-शांति बनी रहे।

आइए हम सब मिलकर इस नवरात्रि को सिर्फ बाहरी उत्सव न बनाएं, बल्कि अपने अंदर की देवी (दुर्गा) को जागृत करें — जो साहस, करुणा, धैर्य और प्रेम की देवी है।

जय माँ दुर्गा!
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏

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