Lord Swaraj Paul Death News: भारतीय मूल के प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी और ब्रिटेन की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लॉर्ड स्वराज पॉल का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंदन में पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और अस्पताल में भर्ती थे। इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारत और ब्रिटेन दोनों देशों में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं और उद्योगपतियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
कौन थे लॉर्ड स्वराज पॉल? Lord Swaraj Paul Death News

लॉर्ड स्वराज पॉल एक ऐसे भारतीय मूल के उद्यमी थे जिन्होंने विदेश में रहकर भी भारत का नाम रोशन किया। वे कपारो ग्रुप (Caparo Group) के संस्थापक थे, जो स्टील और इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक बड़ी कंपनी है। ब्रिटेन में बसे भारतीयों के बीच वे एक बड़ा नाम थे और उनकी पहचान न केवल एक सफल उद्योगपति बल्कि समाजसेवी और राजनीतिज्ञ के रूप में भी थी।
संडे टाइम्स की अमीरों की सूची (Sunday Times Rich List) में वे हमेशा शामिल रहते थे। हाल ही में जारी सूची में उनका नाम 81वें स्थान पर था और उनकी संपत्ति का अनुमान करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग 16,000 करोड़ रुपये लगाया गया था।
पंजाब से लंदन तक का सफर
स्वराज पॉल का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ था। उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी तब आई जब 1960 में वे अपनी बेटी अंबिका के इलाज के लिए ब्रिटेन गए। दुर्भाग्य से मात्र चार साल की उम्र में अंबिका का निधन हो गया। इस गहरे दुख ने उनकी ज़िंदगी बदल दी। उन्होंने बेटी की याद में अंबिका पॉल फाउंडेशन की स्थापना की, जो शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में विश्व स्तर पर काम करता है।
यही यात्रा उनके जीवन का टर्निंग प्वाइंट बनी। उन्होंने ब्रिटेन में रहकर अपनी कंपनी कपारो ग्रुप की नींव रखी और धीरे-धीरे इसे दुनिया के कई देशों में फैलाया।
कपारो ग्रुप: एक ग्लोबल बिजनेस साम्राज्य
लॉर्ड स्वराज पॉल की कंपनी कपारो ग्रुप का मुख्यालय लंदन में स्थित है। कंपनी का काम केवल ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह यूके, नॉर्थ अमेरिका, भारत और पश्चिम एशिया समेत कई देशों में फैली। कंपनी की करीब 40 साइट्स हैं जो मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग से जुड़ी हैं।
आज उनके बेटे आकाश पॉल कपारो इंडिया के चेयरमैन और कपारो ग्रुप के डायरेक्टर हैं। स्वराज पॉल ने अपनी मेहनत और विजन से कपारो को ब्रिटेन की जानी-मानी कंपनियों की सूची में ला खड़ा किया।
ब्रिटेन की राजनीति और समाज सेवा में योगदान
व्यवसाय में अपार सफलता हासिल करने के बाद भी लॉर्ड स्वराज पॉल का जीवन केवल पैसे और कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। वे ब्रिटेन की राजनीति में भी एक अहम चेहरा बने। 1996 में उन्हें ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आजीवन सदस्य के रूप में नामित किया गया। वहां उन्होंने व्यापार, शिक्षा और उद्यमिता से जुड़ी संसदीय समितियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
उनका एक और बड़ा योगदान लंदन जू (London Zoo) को बचाने में माना जाता है। जब यह चिड़ियाघर आर्थिक संकट से गुजर रहा था, तब स्वराज पॉल ने आगे आकर इसे पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई।
भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत बनाने में भूमिका
लॉर्ड स्वराज पॉल केवल एक उद्योगपति नहीं थे, बल्कि भारत और ब्रिटेन के बीच रिश्तों को मजबूत बनाने वाले सेतु भी थे। उन्होंने दोनों देशों के बीच निवेश, व्यापार और शिक्षा को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।
भारत में उनकी कंपनी ने रोजगार के अवसर पैदा किए और ब्रिटेन में बसे भारतीय मूल के लोगों के लिए वे हमेशा प्रेरणा का स्रोत बने। ब्रिटेन में भारतीय डायस्पोरा की पहचान और प्रतिष्ठा को मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा।
अंबिका पॉल फाउंडेशन और परोपकार
अपनी बेटी की याद में स्थापित अंबिका पॉल फाउंडेशन आज शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हजारों बच्चों और परिवारों की मदद कर रहा है। इस संस्था के जरिए लॉर्ड स्वराज पॉल ने यह साबित किया कि वे केवल एक व्यापारी नहीं बल्कि समाजसेवी भी थे।
उनका मानना था कि व्यापार से कमाई गई दौलत का एक हिस्सा समाज को लौटाना चाहिए। यही वजह है कि वे दुनिया भर में परोपकार के कामों में हमेशा सक्रिय रहे।
सम्मान और पहचान
लॉर्ड स्वराज पॉल को उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा ब्रिटेन की राजनीति और व्यवसाय में उनके योगदान को हमेशा सराहा गया।
उनका नाम न केवल अमीरों की सूची में था, बल्कि उन चुनिंदा लोगों में भी था जिन्हें “भारत का सच्चा ब्रांड एंबेसडर” कहा जा सकता है।
एक प्रेरणादायक जीवन
लॉर्ड स्वराज पॉल का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कठिनाइयों और दुखों के बावजूद इंसान अगर हिम्मत और संकल्प के साथ आगे बढ़े तो सफलता उसके कदम चूमती है। उन्होंने अपनी बेटी के निधन के गम को समाजसेवा और व्यवसाय की ताकत में बदल दिया।
उनकी यात्रा पंजाब के जालंधर से लंदन तक का सफर मात्र एक व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरी भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रेरणा है।
प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉर्ड स्वराज पॉल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उद्योग और समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके प्रयासों को भारत और ब्रिटेन दोनों देशों की जनता हमेशा याद रखेगी। ब्रिटेन के नेताओं ने भी उनके निधन को बड़ी क्षति बताया।
लॉर्ड स्वराज पॉल का निधन एक ऐसे युग का अंत है जिसमें भारतीय मूल का एक व्यक्ति ब्रिटेन जैसे देश में न केवल बड़ा उद्योगपति बना, बल्कि राजनीति और समाज सेवा में भी अपनी छाप छोड़ गया। उनकी 16,000 करोड़ की संपत्ति और कपारो ग्रुप जैसी कंपनी उनकी सफलता का प्रमाण हैं, लेकिन उनकी असली पहचान उनके परोपकार और मानवीय मूल्यों में है।
उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। वे उन लोगों में से थे जिन्होंने साबित किया कि इंसान अपनी मेहनत, दृष्टि और सेवा भाव से दुनिया बदल सकता है।
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